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भारी बारिश से प्रभावित तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए राहत एवं बचाव कार्य चलाया है। आसपास की झीलों और जलाशयों में अतिरिक्त प्रवाह के कारण पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। इससे 5000 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं।
लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद आज वायुसेना ने प्रभावित इलाकों में खाने और पानी समेत राहत सामग्री गिराई।
भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा गिराई गई राहत सामग्री इस प्रकार है:-
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बुधवार, 18 नवंबर 2015
बाढ़ प्रभावित तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भारतीय वायुसेना का राहत अभियान
शुक्रवार, 13 नवंबर 2015
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) अभ्यास ‘लाइववायर’ का समापन
भारतीय वायु सेना ने 8 नवंबर 2015 को अपने वार्षिक अभ्यास, ‘एक्सरसाइज-लाइववायर’ का समाप्न कर दिया है। वायु सेना के इस देश-स्तर के अभ्यास का लक्ष्य भविष्य के खतरों और परिचालन आकस्मिकताओं जैसी जिम्मेदारियों भरे ऑपरेशनों में आईएएफ के पूरे स्पेक्ट्रम को सुदृढ़ करना था। इस अभ्यास के दौरान आईएएफ ने नेटवर्क केंद्रित परिवेश में अपनी नई प्राप्तियों का अभ्यास किया, और थल एवं नौसेना के साथ संचालन क्षमताओं के तालमेल का ऊंचा स्तर हासिल किया। इस अभ्यास के दौरान सैकड़ों मिशन श्रेष्ठ योजना और निष्पादन के साथ पूरे किए गए। अभ्यास के सफल और सहज आयोजन ने उपकरणों और विमानों को चलाते वक्त चालक दल में भरपूर आत्मविश्वास पैदा किया। व्यायाम का संचालन देश भर में वायु सेना के सभी ठिकानों पर शीघ्र तैनाती के मद्देनजर किया गया था।
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रविवार, 1 नवंबर 2015
एयर मार्शल श्री खन्ना ने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के रख-रखाव प्रमुख का पदभार संभाला
एयर मार्शल विरेन्दर मोहन खन्ना ने आज नई दिल्ली में वायुसेना मुख्यालय में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के रख-रखाव प्रमुख का पदभार ग्रहण कर लिया है।
एयर मार्शल श्री खन्ना 25 जुलाई, 1977 को आईएएफ में वैमानिकी इंजीनियंरिंग शाखा के मैकेनिकल वर्ग में कमीशंड हुए थे। वह कुरूक्षेत्र के रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज से स्नातक और आईआईटी, खड़कपुर से औद्योगिक इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन में स्नातकोत्तर हैं। वह वेलिंगटन के सम्मानित डिफेंस सर्विसिज स्टाफ कॉलेज के भूतपूर्व छात्र भी रहे हैं। इसके अतिरिक्त्उन्होंने पत्रकारिता एवं मानवाधिकार में भी स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है।
38 वर्षों के अपने कार्यकाल के दौरान श्री खन्ना की महानिदेशक (विमान) और वायुसेना मुख्यालय पर एयर स्टाफ इंजीनियरिंग (ट्रांसपोर्ट एवं हैलिकॉप्टर्स), वरिष्ठ रख-रखाव स्टाफ अधिकारी और पूर्वी वायु कमान के मुख्यालय पर चीफ इंजीनियरिंग ऑफिसर जैसी महत्वपूर्ण नियुक्तियां रही हैं। श्री खन्ना ने चीफ ऑफ एयरक्राप्ट, चीफ ऑफ प्रोडक्शन एंड प्लानिंग और कमांडिंग ऑफिसर के रूप में विभिन्न बेस रिपेयर डिपो में भी काम किया है। उन्होंने बड़ी संख्या में एमआई-17 वी-5 हैलिकॉप्टर्स, हॉक एजीटी और पिलाट्स एयरक्राप्ट के सफल अधिष्ठापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एयर मार्शल ने आईएएफ पायलटों एवं रख-रखाव अधिकारियों की एक टीम का नेतृत्व किया था, जिसने बोस्तवाना रक्षा बल के पायलटों एवं इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया था और इस प्रकार भारत-अफ्रीका संबंधों को मजबूत बनाया था। उन्होंने फ्लाइट इंजीनियर के रूप में भी सेवा की है और चंडीगढ़ स्थित विश्व के सबसे बड़े हैलिकॉप्टरों एमआई-8, एमआई-17 और एमआई-26 के साथ उड़ानें भरी हैं।
एक उत्साही खिलाड़ी के रूप में एयर मार्शल श्री खन्ना अंटार्कटिका के दो भारतीय अभियान दलों के भी सदस्य रहे हैं, जहां भारतीय वायुसेना ने दक्षिण गंगोत्री एवं मैत्री नामक दो भारतीय स्थायी आधारों की स्थापना करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
एयर मार्शल श्री खन्ना को भारत के राष्ट्रपति के द्वारा विशिष्ट सेवा पदक एवं अतिविशिष्ट सेवा पदकों से विभूषित किया गया है।
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एयर मार्शल श्री खन्ना 25 जुलाई, 1977 को आईएएफ में वैमानिकी इंजीनियंरिंग शाखा के मैकेनिकल वर्ग में कमीशंड हुए थे। वह कुरूक्षेत्र के रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज से स्नातक और आईआईटी, खड़कपुर से औद्योगिक इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन में स्नातकोत्तर हैं। वह वेलिंगटन के सम्मानित डिफेंस सर्विसिज स्टाफ कॉलेज के भूतपूर्व छात्र भी रहे हैं। इसके अतिरिक्त्उन्होंने पत्रकारिता एवं मानवाधिकार में भी स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है।
38 वर्षों के अपने कार्यकाल के दौरान श्री खन्ना की महानिदेशक (विमान) और वायुसेना मुख्यालय पर एयर स्टाफ इंजीनियरिंग (ट्रांसपोर्ट एवं हैलिकॉप्टर्स), वरिष्ठ रख-रखाव स्टाफ अधिकारी और पूर्वी वायु कमान के मुख्यालय पर चीफ इंजीनियरिंग ऑफिसर जैसी महत्वपूर्ण नियुक्तियां रही हैं। श्री खन्ना ने चीफ ऑफ एयरक्राप्ट, चीफ ऑफ प्रोडक्शन एंड प्लानिंग और कमांडिंग ऑफिसर के रूप में विभिन्न बेस रिपेयर डिपो में भी काम किया है। उन्होंने बड़ी संख्या में एमआई-17 वी-5 हैलिकॉप्टर्स, हॉक एजीटी और पिलाट्स एयरक्राप्ट के सफल अधिष्ठापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एयर मार्शल ने आईएएफ पायलटों एवं रख-रखाव अधिकारियों की एक टीम का नेतृत्व किया था, जिसने बोस्तवाना रक्षा बल के पायलटों एवं इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया था और इस प्रकार भारत-अफ्रीका संबंधों को मजबूत बनाया था। उन्होंने फ्लाइट इंजीनियर के रूप में भी सेवा की है और चंडीगढ़ स्थित विश्व के सबसे बड़े हैलिकॉप्टरों एमआई-8, एमआई-17 और एमआई-26 के साथ उड़ानें भरी हैं।
एक उत्साही खिलाड़ी के रूप में एयर मार्शल श्री खन्ना अंटार्कटिका के दो भारतीय अभियान दलों के भी सदस्य रहे हैं, जहां भारतीय वायुसेना ने दक्षिण गंगोत्री एवं मैत्री नामक दो भारतीय स्थायी आधारों की स्थापना करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
एयर मार्शल श्री खन्ना को भारत के राष्ट्रपति के द्वारा विशिष्ट सेवा पदक एवं अतिविशिष्ट सेवा पदकों से विभूषित किया गया है।
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बुधवार, 14 अक्टूबर 2015
रक्षा मंत्री ने वायुसेना के कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन किया
वायुसेना के कमांडरों का सम्मेलन (एएफसीसी) - 2015 नई दिल्ली स्थित वायुसेना मुख्यालय (वायु भवन) में 13 अक्टूबर 15 को शुरू हुआ। माननीय रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर ने इस द्विवार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन किया।
वायुसेना प्रमुख (सीएएस) एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने श्री पर्रिकर, माननीय रक्षा राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह, रक्षा सचिव श्री जी मोहन कुमार और रक्षा उत्पादन सचिव श्री एके गुप्ता का स्वागत किया। इसके बाद एयर चीफ मार्शल ने वायुसेना के कमांडरों का रक्षा मंत्री से परिचय करवाया।
वायुसेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को भारतीय वायुसेना की परिचालन की स्थिति की जानकारी दी और विमानों, विशेषकर लड़ाकू बेड़े की उपयोगिता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। वायुसेना प्रमुख ने नेपाल में विनाशकारी भूकंप के बाद मानवीय सहायता के लिए वायुसेनाकर्मियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में यमन में फंसे लोगों को निकालने के लिए वायुसेना के ऑपरेशन का भी सराहनीय उल्लेख किया। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर मिराज -2000 लड़ाकू विमान की सफल लैंडिंग के बाद वायुसेना निकट भविष्य में भी इस तरह की सतहों से संचालन क्षमता को विस्तार देने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि वायु सेना के वीरों के ऊंचे मनोबल के लिए सफल ऑपरेशन करना परम आवश्यक है। इसलिए अब यह जरूरी हो गया है कि मानव संसाधन के विकास और वायुसेना के योद्धाओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
रक्षा मंत्री ने विशेष रूप से नेपाल में आए भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य तथा यमन निकासी के दौरान पेशेवर आचरण के लिए भारतीय वायुसेना को बधाई दी। उन्होंने संचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में नागरिक उड्डयन क्षेत्र की सहायता के लिए भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
इस द्विवार्षिक सम्मेलन का उद्देश्य उन मुद्दों पर चर्चा करना है जो भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता पर प्रभाव डालती हैं। इसके अलावा प्रमुख रूप से हल्के लड़ाकू विमानों (एलसीए) को वायुसेना में शामिल करने, हेलीकाप्टरों और अन्य युद्ध प्रणालियों की खरीद पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान बुनियादी ढांचे के निर्माण और प्रशिक्षण के पहलुओं को विस्तार देने पर विचार-विमर्श किया गया।
वायुसेना प्रमुख (सीएएस) एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने श्री पर्रिकर, माननीय रक्षा राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह, रक्षा सचिव श्री जी मोहन कुमार और रक्षा उत्पादन सचिव श्री एके गुप्ता का स्वागत किया। इसके बाद एयर चीफ मार्शल ने वायुसेना के कमांडरों का रक्षा मंत्री से परिचय करवाया।
वायुसेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को भारतीय वायुसेना की परिचालन की स्थिति की जानकारी दी और विमानों, विशेषकर लड़ाकू बेड़े की उपयोगिता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। वायुसेना प्रमुख ने नेपाल में विनाशकारी भूकंप के बाद मानवीय सहायता के लिए वायुसेनाकर्मियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में यमन में फंसे लोगों को निकालने के लिए वायुसेना के ऑपरेशन का भी सराहनीय उल्लेख किया। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर मिराज -2000 लड़ाकू विमान की सफल लैंडिंग के बाद वायुसेना निकट भविष्य में भी इस तरह की सतहों से संचालन क्षमता को विस्तार देने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि वायु सेना के वीरों के ऊंचे मनोबल के लिए सफल ऑपरेशन करना परम आवश्यक है। इसलिए अब यह जरूरी हो गया है कि मानव संसाधन के विकास और वायुसेना के योद्धाओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
रक्षा मंत्री ने विशेष रूप से नेपाल में आए भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य तथा यमन निकासी के दौरान पेशेवर आचरण के लिए भारतीय वायुसेना को बधाई दी। उन्होंने संचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में नागरिक उड्डयन क्षेत्र की सहायता के लिए भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
इस द्विवार्षिक सम्मेलन का उद्देश्य उन मुद्दों पर चर्चा करना है जो भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता पर प्रभाव डालती हैं। इसके अलावा प्रमुख रूप से हल्के लड़ाकू विमानों (एलसीए) को वायुसेना में शामिल करने, हेलीकाप्टरों और अन्य युद्ध प्रणालियों की खरीद पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान बुनियादी ढांचे के निर्माण और प्रशिक्षण के पहलुओं को विस्तार देने पर विचार-विमर्श किया गया।
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2015
इंडक्शन पब्लिसिटी एक्जि़बीशन व्हीकल का उद्घाटन
एयर चीफ़ मार्शल अरूप राहा ने इंडक्शन पब्लिसिटी एक्जि़बीशन व्हीकल (आईपीईवी) का उद्घाटन किया
भारतीय वायु सेना की 83वीं वर्षगांठ के अवसर पर, एयर फोर्स स्टेशन, रेस कोर्स नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान एयर स्टाफ़ के चीफ़, एयर चीफ़ मार्शल श्री अरूप राहा ने इंडक्शन पब्लिसिटी एक्जि़बीशन व्हीकल (आईपीईवी) का उद्घाटन किया। भारतीय वायुसेना, सीधे सम्पर्क कार्यक्रमों के प्रभाव के ज़रिये भारतीय वासुसेना को जीवन के निकट लाने के लिये आज की तक्नॉलॉजी निपुण तथा बटन फ्रैंडली पीढ़ी के साथ जुड़ने के अनूठे तरीके ढूंढ रही है। गत वर्ष, अपने इसी प्रयास के तहत भारतीय वायुसेना ने एक एयर कॉम्बैट 3D मोबाइल गेम लॉंच किया था।
आईपीईवी को देश भर के जिज्ञासुओं
को भारतीय वायुसेना के विभिन्न पहलुओं तथा इसकी कार्यप्रणाली से अवगत कराने हेतु
संशोधित किया गया है। नये-नये लॉंच किये गये इस व्हीकल में एक इंफॉर्मेशन ज़ोन है, जिससे इस क्षेत्र में
करिअॅर बनाने के इच्छुक उम्मीद्वारों को करिअॅर से संबंधित जानकारी प्राप्त हो
सकेगी। इसमें एक एक्सपीरिएंस ज़ोन भी है, जिसमें आप विभिन्न
वायुसेना गतिविधियों – जैसे सारंग एरोबैटिक्स, एडब्ल्यूडीटी, फ़्लाइंग इत्यादि -
के रोमांच का लुत्फ़ उठा सकेंगे। व्हीकल में एक सिमुलेटर ज़ोन भी है, जिसमें आप विभिन्न
एयरक्राफ़्ट उड़ाने के आनन्द को अनुभव कर सकते हैं। एयरक्राफ़्ट मॉडल ज़ोन में आप
इसकी इन्वेंट्री का नवीनतम एयरक्राफ़्ट और उसकी सभी खूबियां तथा वीडियो देख सकते
हैं।
आईपीईवी देश भर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों का
दौरा करेगा। रचनात्मक ढंग से डिज़ाइन किया गया इसका बाहरी हिस्सा तथा टच पैनल, टैब्स, सिमुलेटर तथा वीडियो स्क्रीन के साथ यह अत्याधुनिक
उपकरण आज के युवाओं के समक्ष भारतीय वायुसेना की ब्रांडिंग तथा प्रचार के लिये
बिल्कुल उपयुक्त मंच उपलब्ध करायेगा। मंगलवार, 1 सितंबर 2015
एयर मार्शल एसबी देव एवीएसएम वीएम वीएसएम ने पश्चिमी वायु कमान का कमान संभाला
एयर मार्शल एसबी देव एवीएसएम वीएम वीएसएम ने 1 सितम्बर, 2015 को पश्चिमी वायु कमान का कमान संभाल लिया है।
15 जून, 1979 को लड़ाकू वर्ग में कमीशन हुए एयर मार्शल एसबी देव को चार हजार घंटे से अधिक का कार्रवाई तथा सैन्य प्रशिक्षण उड़ान का अनुभव है। अपने सेवा काल में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली है। एयर मार्शल फाईटर कमबैट लीडर, ए2 क्वालिफाइड इंस्ट्रक्टर तथा टीएसीडीई में डायरेक्टिंग स्टाफ रहे हैं वह डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज वेलिंगटन के विद्यार्थी रहे हैं।
एयर मार्शल एसबी देव एवीएसएम वीएम वीएसएम अग्रिम पंक्ति के बेस के मुख्य ऑपरेशन अधिकारी थे और उन्होंने जोधपुर वायुसेना स्टेशन का कमान संभाला। पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिग इन चीफ का पदभार संभालने से पहले वह वायुसेना मुख्यालय में महानिदेशक एयर ऑपरेशन तथा पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रहे। एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ को पश्चिमी वायु कमान के मुख्यालय के समक्ष शानदार रस्मी सम्मान गारद प्रस्तुत किया गया।
एयर मार्शल का विवाह श्रीमती अंजना देव से हुआ है और उनका एक पुत्र है जो लड़ाकू पायलट है। पढ़ने में उनकी गहरी दिलचस्पी है और क्रियेटिव लेखन तथा टेक्नॉलाजी में भी रूचि है।
15 जून, 1979 को लड़ाकू वर्ग में कमीशन हुए एयर मार्शल एसबी देव को चार हजार घंटे से अधिक का कार्रवाई तथा सैन्य प्रशिक्षण उड़ान का अनुभव है। अपने सेवा काल में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली है। एयर मार्शल फाईटर कमबैट लीडर, ए2 क्वालिफाइड इंस्ट्रक्टर तथा टीएसीडीई में डायरेक्टिंग स्टाफ रहे हैं वह डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज वेलिंगटन के विद्यार्थी रहे हैं।
एयर मार्शल एसबी देव एवीएसएम वीएम वीएसएम अग्रिम पंक्ति के बेस के मुख्य ऑपरेशन अधिकारी थे और उन्होंने जोधपुर वायुसेना स्टेशन का कमान संभाला। पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिग इन चीफ का पदभार संभालने से पहले वह वायुसेना मुख्यालय में महानिदेशक एयर ऑपरेशन तथा पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रहे। एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ को पश्चिमी वायु कमान के मुख्यालय के समक्ष शानदार रस्मी सम्मान गारद प्रस्तुत किया गया।
एयर मार्शल का विवाह श्रीमती अंजना देव से हुआ है और उनका एक पुत्र है जो लड़ाकू पायलट है। पढ़ने में उनकी गहरी दिलचस्पी है और क्रियेटिव लेखन तथा टेक्नॉलाजी में भी रूचि है।
सोमवार, 31 अगस्त 2015
एयर मार्शल एसएस सोमण पीवीएसएम एवीएसएम वीएम एडीसी ने पश्चिमी वायु कमान के कमान का कार्यभार सौंपा
एयर मार्शल एसएस सोमण पीवीएसएम एवीएसएम वीएम एडीसी ने आज 31 अगस्त, 2015 को पश्चिमी वायु कमान के कमान का कार्यभार सौंप दिया। भारतीय वायु सेना में 39 वर्षों के शानदार सेवा काल के बाद वे आज सेवानिवृत्त हो गए।
एयर मार्शल एसएस सोमण ने दिसंबर 1976 में फ्लाइंग ब्रांच (फाइटर स्ट्रीम) में कमीशन प्राप्त किया था। उन्हें लड़ाकू विमान उड़ाने का 3400 घंटों का अनुभव प्राप्त है और उन्होंने अपनी सेवा काल के विभिन्न चरणों में अनेक महत्वपूर्ण पद संभाले।
एयर मार्शल एसएस सोमण को पश्चिमी वायु कमान के मुख्यालय के सामने एक शानदार औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पश्चिमी एयर कमान के सभी वायु योद्धाओं ने उन्हें समुचित तरीके से विदाई दी।
पश्चिमी वायु कमान के सभी वायु योद्धाओं को अंतिम बार संबोधित करते हुए एयर मार्शल एसएस सोमण ने सब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा सभी वायु योद्धाओं को ‘अभियान, एकता एवं उत्कृष्टता’ के सिद्धांत को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
एयर मार्शल एसएस सोमण का विवाह श्रीमती रश्मि सोमण से हुआ है। उनकी धर्म पत्नी सभी वायु योद्धाओं और उनके परिजनों के कल्याण के लिए विभिन्न गतिविधियों में हमेशा सक्रिय रूप से संलग्न रही हैं।
एयर मार्शल एसएस सोमण ने दिसंबर 1976 में फ्लाइंग ब्रांच (फाइटर स्ट्रीम) में कमीशन प्राप्त किया था। उन्हें लड़ाकू विमान उड़ाने का 3400 घंटों का अनुभव प्राप्त है और उन्होंने अपनी सेवा काल के विभिन्न चरणों में अनेक महत्वपूर्ण पद संभाले।
एयर मार्शल एसएस सोमण को पश्चिमी वायु कमान के मुख्यालय के सामने एक शानदार औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पश्चिमी एयर कमान के सभी वायु योद्धाओं ने उन्हें समुचित तरीके से विदाई दी।
पश्चिमी वायु कमान के सभी वायु योद्धाओं को अंतिम बार संबोधित करते हुए एयर मार्शल एसएस सोमण ने सब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा सभी वायु योद्धाओं को ‘अभियान, एकता एवं उत्कृष्टता’ के सिद्धांत को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
एयर मार्शल एसएस सोमण का विवाह श्रीमती रश्मि सोमण से हुआ है। उनकी धर्म पत्नी सभी वायु योद्धाओं और उनके परिजनों के कल्याण के लिए विभिन्न गतिविधियों में हमेशा सक्रिय रूप से संलग्न रही हैं।
[PIB]
सोमवार, 24 अगस्त 2015
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) का मिग-21 बाइसन विमान दुर्घटनाग्रस्त
भारतीय वायु सेना का एक मिग -21 (बाइसन) विमान आज सुबह 1100 बजे जम्मू-कश्मीर के बडगाम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह विमान श्रीनगर एयर बेस से इस एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। दुर्घटना के समय पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया। दुर्घटना के कारणों की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
[PIB]
[PIB]
सोमवार, 17 अगस्त 2015
एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ओमान तथा संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर
एयर चीफ मार्शल अरूप राहा, स्टाफ कमेटी के प्रमुख (सीओएससी) तथा वायु सेना प्रमुख चार दिन की ओमान तथा संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर कल रवाना हुए।
एयर चीफ मार्शल अरूप राहा पहले ओमान जाएंगे और फिर संयुक्त अरब अमीरात जाएंगे। एयर चीफ मार्शल ओमान में भारत के राजदूत तथा ओमान की शाही वायुसेना के प्रमुख (सीआरएएफओ) से बातचीत करेंगे। ओमान सल्तनत की उनकी यात्रा सुलतान सशस्त्र सेना (एसएएफ) मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर की समीक्षा करने से शुरू होगी। एयर चीफ मार्शल अरूप राहा मीलिट्री टेक्नीकल कॉलेज, सीब एयर बेस, थूमरैत एयर बेस तथा सलाहलाह एयर बेस जाएंगे।
संयुक्त अरब अमीरात में एयर चीफ मार्शल अरूप राहा को अलधाफ्रा एयर बेस पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। वायु सेना प्रमुख एफ-16 तथा मीराज-2000 स्क्वाड्रन। मिसाइल एयर वारफेयर सेंटर, ट्रांस्पोर्ट स्क्वाड्रन, एबीजेड एयर कॉलेज, एवीएशन स्क्वाड्रन तथा अल मिनहाद एयर बेस जाएंगे।
[PIB]
शनिवार, 1 अगस्त 2015
रेगिस्तान में आई बाढ़,दूत बनी वायूसेना
By FirstIndia Correspondent , Update on 01-08-2015 10:56:48
जोधपुर/बाड़मेर/जालोर। बारिश को तरसने वाले थार के रेगिस्तान के लोग अब बारिश से आजिज आ चुके है और दुआ कर रहे है कि बारिश का यह दौर थम जाए तो बेहतर होगा। रेगिस्तानी जिलों में छह दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थान पर बाढ़ के हालात बने हुए है। कल रात से भारी बारिश का दौर कुछ कमजोर अवश्य हुआ है, लेकिन पूरी तरह से बारिश बंद नहीं हुई है। हल्की बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश बंद होने से बाढ़ की स्थिति में अब सुधार होने की उम्मीद है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी स्तर कम होने और बचाव टीमों के मौके पर पहुंचने से लोगों को कुछ राहत अवश्य मिली, लेकिन पूरी तरह से निजात मिलने में अभी समय लगेगा। वहीं जोधपुर में सुबह की हल्की बारिश के बाद मौसम अब थोड़ा साफ होने लगा है।
एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोब मास्टर फिर बना रक्षादूत
एयरफोर्स का जंगी विमान सी-17 ग्लोब मास्टर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए नायक बन कर उभरा है। यमन में फंसे भारतीयों को निकालने और नेपाल में आए प्रलयकारी भूकंप के बाद राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला एयरफोर्स का सी-17 ग्लोब मास्टर 3 गुरुवार को बाढ़ से त्रस्त मारवाड़ को राहत देने पहुंचा। स्काई लॉर्ड स्क्वाड्रन का यह जंगी विमान चेन्नई से नेशनल डिजास्टर रिस्पाॅन्स फोर्स (एनडीआरएफ) 120 जवानों की टीम के साथ दोपहर तीन बजे जोधपुर एयरबेस पर उतरा। इसके बाद यह शाम पांच बजे बाद यहां से उड़ गया।
बाड़मेर में गांव बनें टापू
राजस्थान के जालोर जिले के सांचौर में आई बाढ़ का कहर सवा सौ से पौने तीन सौ किमी दूर बाड़मेर-जैसलमेर जिलों पर भी व्यापक नजर आ रहा है। सांचौर में बाढ़ से बाड़मेर और जैसलमेर जिलों का गुजरात से सड़क संपर्क टूटने से दोनों तरफ लोग बे-बस हो गए हैं। अमूल दूध, सब्जियां, फल,अनाज खाद्य सामग्री की सप्लाई लड़खड़ा गई हैं। बाड़मेर-बालोतरा में करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उपचार के लिए धानेरा, डीसा, पालनपुर जाने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ती नजर रही हैं। बाड़मेर से गुजरात महाराष्ट्र समेत दक्षिण के राज्यों का ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चौपट हो रहा हैं।
दो दिन में सब्जियां हुई महंगी
राजस्थान के रेगिस्तान में लगातार हो रही बारिश के चलते बाड़मेर और जालोर में आम लोगो की जिंदगी पर पड़ने लगा है क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है। करीब तीन सौ से अधिक ट्रक सांचौर गांधव पुल के पास फंसे हैं। पंजाब, हरियाणा से गुजरात को जोड़ने वाला मेगा हाइवे रामजी की गोल जाकर एनएच 15 को जोड़ रहा हैं। ट्रैफिक बंद होने से सैकड़ों ट्रकों की लंबी कतारे लगी हैं। इस पानी का असर यह हो रहा है बाड़मेर जिले में सब्जियों के साथ ही खाने पीने का सामान मंहगा हो गया है आलम यह है कि पिछले दो दिनों में सब्जियों के भाव दुगने है।
सप्लायरों को हो रहा करोड़ों का नुकसान
बाड़मेर से बेंटोनाइट, मुल्तानी मिट्टी, लिग्नाइट, प्लास्टर ऑफ पेरिस समेत कई खनिजों की सप्लाई गुजरात, महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के राज्यों में होती हैं। जिले भर से रोजाना करीब डेढ़ सौ से अधिक ट्रक रवाना होते हैंं। बीते दो दिनों से गुजरात से सड़क संपर्क टूटने से खनिजों का कारोबार ठप हो गया है। गांधव पुल सांचौर में खनिजों से भरे सैकड़ों ट्रक खड़े हैं। लगातार बारिश होने से खनिज पदार्थ भीगने से खराब होने का खतरा हैं, वहीं समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने से उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान ट्रक मालिकों को उठाना पड़ रहा हैं।
[ First Indian News ]
एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोब मास्टर फिर बना रक्षादूत
एयरफोर्स का जंगी विमान सी-17 ग्लोब मास्टर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए नायक बन कर उभरा है। यमन में फंसे भारतीयों को निकालने और नेपाल में आए प्रलयकारी भूकंप के बाद राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला एयरफोर्स का सी-17 ग्लोब मास्टर 3 गुरुवार को बाढ़ से त्रस्त मारवाड़ को राहत देने पहुंचा। स्काई लॉर्ड स्क्वाड्रन का यह जंगी विमान चेन्नई से नेशनल डिजास्टर रिस्पाॅन्स फोर्स (एनडीआरएफ) 120 जवानों की टीम के साथ दोपहर तीन बजे जोधपुर एयरबेस पर उतरा। इसके बाद यह शाम पांच बजे बाद यहां से उड़ गया।
राजस्थान के जालोर जिले के सांचौर में आई बाढ़ का कहर सवा सौ से पौने तीन सौ किमी दूर बाड़मेर-जैसलमेर जिलों पर भी व्यापक नजर आ रहा है। सांचौर में बाढ़ से बाड़मेर और जैसलमेर जिलों का गुजरात से सड़क संपर्क टूटने से दोनों तरफ लोग बे-बस हो गए हैं। अमूल दूध, सब्जियां, फल,अनाज खाद्य सामग्री की सप्लाई लड़खड़ा गई हैं। बाड़मेर-बालोतरा में करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उपचार के लिए धानेरा, डीसा, पालनपुर जाने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ती नजर रही हैं। बाड़मेर से गुजरात महाराष्ट्र समेत दक्षिण के राज्यों का ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चौपट हो रहा हैं।
दो दिन में सब्जियां हुई महंगी
राजस्थान के रेगिस्तान में लगातार हो रही बारिश के चलते बाड़मेर और जालोर में आम लोगो की जिंदगी पर पड़ने लगा है क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है। करीब तीन सौ से अधिक ट्रक सांचौर गांधव पुल के पास फंसे हैं। पंजाब, हरियाणा से गुजरात को जोड़ने वाला मेगा हाइवे रामजी की गोल जाकर एनएच 15 को जोड़ रहा हैं। ट्रैफिक बंद होने से सैकड़ों ट्रकों की लंबी कतारे लगी हैं। इस पानी का असर यह हो रहा है बाड़मेर जिले में सब्जियों के साथ ही खाने पीने का सामान मंहगा हो गया है आलम यह है कि पिछले दो दिनों में सब्जियों के भाव दुगने है।
सप्लायरों को हो रहा करोड़ों का नुकसान
बाड़मेर से बेंटोनाइट, मुल्तानी मिट्टी, लिग्नाइट, प्लास्टर ऑफ पेरिस समेत कई खनिजों की सप्लाई गुजरात, महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के राज्यों में होती हैं। जिले भर से रोजाना करीब डेढ़ सौ से अधिक ट्रक रवाना होते हैंं। बीते दो दिनों से गुजरात से सड़क संपर्क टूटने से खनिजों का कारोबार ठप हो गया है। गांधव पुल सांचौर में खनिजों से भरे सैकड़ों ट्रक खड़े हैं। लगातार बारिश होने से खनिज पदार्थ भीगने से खराब होने का खतरा हैं, वहीं समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने से उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान ट्रक मालिकों को उठाना पड़ रहा हैं।
(फर्स्ट इंडिया की टीम ने बाड़मेर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को जायजा लिया)
वहीं पिछले चार दिन से मोर्चा संभाले हुए जालोर के जिला कलेकटर जीतेन्द्र सोनी का कहना है कि लगातार भारी बारिश के कारण नेशनल हाइवे नं.15 पिछले 5 दिनों बंद है। हाइवे पर काफी जगह है अब हमने हाइवे अथॉरिटी की टीमों को बुलाकर हाइवे पर बने पुलों की जांच शुरू करवा दी है और उम्मीद करते है की जल्द ही नेशनल हाइवे से आवागमन शुरू कर दिया जायेगा। फ़िलहाल हाइवे को ऐतिहात के तौर पर बंद किया गया है।[ First Indian News ]
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